sonam raghuvanshi
सोनम रघुवंशी
शिलांग : मध्य प्रदेश के राजा रघुवंशी मर्डर केस में उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट के जमानत के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। मेघालय सरकार का कहना है कि गिरफ्तारी के कागजात में टाइपिंग की गलती के कारण सोनम रघुवंशी को ट्रायल कोर्ट से जमानत मिली थी। गिरफ्तारी के दौरान कागजात पर भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या की धारा 103 BNS लिखना था, मगर चूक के कारण 403 BNS दर्ज किया गया।

2 जून 2025 को मिला था राजा का शव

मेघालय हनीमून मर्डर केस अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। राजा रघुवंशी की हत्या के बाद उसकी पत्नी को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। मेघालय सरकार हाई कोर्ट के 29 जून 2026 के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है, जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत देने के फैसले को बरकरार रखा गया था। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के जमानत देने के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया था। सोनम पर पिछले साल मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप है। गुमशुदगी के 10 दिन बाद 2 जून 2025 को सोहरा के पास राजा रघुवंशी का शव एक खाई से बरामद हुआ था। उसके शरीर पर धारदार हथियार से हमले के निशान मिले थे। इस केस में सोनम के अलावा उसके प्रेमी राज कुशवाहा और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

तीन सुनवाई में चूक का पता नहीं चला

अब मेघालय सरकार का कहना है कि गिरफ्तारी के समय जांच और सबूतों के आधार पर कई दस्तावेज बनाए गए थे, जिन पर सोनम रघुवंशी समेत अन्य आरोपियों का सिग्नेचर था। 6 दस्तावेजों में गिरफ्तारी के कारण सही धाराओं में दर्ज किए गए थे। एक दस्तावेज में टाइपो की गलती के कारण 103 BNS की जगह 403 BNS दर्ज किया गया। ट्रायल कोर्ट सोनम रघुवंशी के वकील ने पहले 3 बार जमानत की याचिका लगा चुके थे, मगर कभी इस तकनीकी चूक का जिक्र नहीं किया। चौथी बार उसने कोर्ट में इस गलती का जिक्र किया और सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई।

फॉरेंसिक रिपोर्ट समेत सबूत भी करेंगे पेश

मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में बताया है कि जमानत का फैसला बाध्यकारी मिसालों के खिलाफ है, जिसमें 'स्टेट ऑफ़ कर्नाटक बनाम श्री दर्शन' का मामला भी शामिल है। इस मामले में कहा गया था कि गिरफ्तारी के आधार बताने में एक चूक हत्या के आरोप का सामना कर रहे आरोपी को रिहा करने का आधार नहीं बन सकती। याचिका में इसके अलावा फोरेंसिक और CFSL की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। सरकार ने इस केस से जुड़े CCTV फुटेज और ज़ब्त की गई सामग्री बतौर सबूत पेश किए हैं। इन साक्ष्यों में सोनम रघुवंशी, राज कुशवाहा के साथ अन्य आरोपी विशाल सिंह चौहान, आकाश सिंह राजपूत और आनंद कुर्मी के गतिविधियों की पुष्टि हुई थी।
राहुल महाजन

लेखक के बारे मेंराहुल महाजनराहुल महाजन नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह पंजाब, हरियाणा और हिमाचल जैसे राज्यों की खबरें कवर करते हैं। पत्रकारिता में उनका अनुभव 12 साल से अधिक का है। राहुल महाजन ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। इससे पहले उन्होंने न्यूज़18 हिंदी में छह साल तक बतौर वरिष्ठ संवाददाता काम किया। 2014 में जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। वहां उन्होंने बतौर कॉपी एडिटर काम किया। दो साल तक टीवी में काम करने के बाद राहुल ने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। 2016 से अब तक यह सफर लगातार जारी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वह @rahuljuly14 के नाम से सक्रिय हैं। विशेषज्ञता: पंजाब, हरियाणा और हिमाचल की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को राहुल महाजन रिपोर्ट करते हैं। उन्होंने हरियाणा और हिमाचल में हुए विधानसभा चुनावों को कवर किया है। इसके साथ ही हाल ही में हुए महाराष्ट्र निकाय चुनावों को भी उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर कवर किया। पत्रकारिता अनुभव: हिंदुस्तान टाइम्स, यू कनेक्ट, आज समाज, ईटीवी, प्रदेश 18, न्यूज़18 हिंदी और वर्तमान में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर राहुल महाजन को 12 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिमाचल की राजधानी शिमला से की थी। इसके बाद वे चंडीगढ़ में कार्यरत रहे हैं। शिक्षा: राहुल महाजन ने हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के एक सरकारी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला से जर्नलिज्म की पढ़ाई की। यहां से मास्टर डिग्री लेने के बाद उन्होंने पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा।... और पढ़ें