AMOLED Screen in TV: AMOLED पैनल जितना बड़ा होगा, उसकी मैन्युफैक्चरिंग उतनी ही मुश्किल और महंगी हो जाती है.
Written By : हिमांशु तिवारी | Updated at : 04 Jul 2026 06:53 AM (IST)

(टीवी में क्यों नहीं लगती है एमोलेड स्क्रीन)
Source : Pixabay
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- उच्च लागत और इन चुनौतियों के कारण टीवी में एमोलेड का उपयोग नहीं।
AMOLED Screen in TV: आज के एडवांस स्मार्टफोन में एमोलेड डिस्प्ले स्क्रीन देखने को मिलती है जो काफी प्रीमियम होती है. एमोलेड डिस्प्ले खासतौर पर प्रीमियम स्मार्टफोन में देखने को मिल जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि स्मार्ट टीवी में इस डिस्प्ले का इस्तेमाल क्यों नहीं होता है. बता दें कि इसका जवाब टेक्नोलॉजी और लागत दोनों से जुड़ा हुआ है. आइए जानते हैं कि आखिर क्या है इसके पीछे का कारण.
बड़ा एमोलेड डिस्प्ले बनाना है महंगा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि AMOLED पैनल जितना बड़ा होगा, उसकी मैन्युफैक्चरिंग उतनी ही मुश्किल और महंगी हो जाती है. बता दें कि बड़े पैनल को तैयार करते समय काफी सावधानी रखनी पड़ती है क्योंकि एक छोटी सी गलती पूरे डिस्प्ले को खराब कर सकती है और डिस्प्ले को फिर से तैयार करना पड़ सकता है जो काफी महंगा होता है. इसी वजह से स्मार्ट टीवी में कंपनियां एमोलेड डिस्प्ले का इस्तेमाल नहीं करते हैं क्योंकि इससे टीवी की कीमत ज्यादा हो जाएगी और लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा.
क्या होता है AMOLED और OLED डिस्प्ले में फर्क
जानकारी के अनुसार, AMOLED और OLED दोनों ही अलग डिस्प्ले हैं और दोनों ही एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम करते हैं. AMOLED (Active Matrix Organic Light Emitting Diode) डिस्प्ले में हर पिक्सेल को अलग-अलग कंट्रोल किया जाता है जिससे स्क्रीन पर बेहतर कलर क्वालिटी, बेहतर ब्राइटनेस और तेज रिस्पॉन्स मिलता है. यही वजह है कि ये स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे छोटे डिस्प्ले के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन माने जाते हैं. वहीं, दूसरी ओर, बड़े आकार के टीवी में आमतौर पर OLED पैनल का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इन्हें बड़े स्क्रीन साइज में बनाना ज्यादातर आसान होता है.
ये खतरा भी बनता है बड़ी चुनौती
बता दें कि AMOLED डिस्प्ले में लंबे समय तक एक जैसी तस्वीर या लोगो दिखाई देने पर Burn-in की समस्या हो सकती है. स्मार्टफोन में ये खतरा कम होता है क्योंकि डिवाइस में कंटेंट हमेशा बदलता रहता है. लेकिन टीवी पर न्यूज चैनल के लोगो, गेमिंग इंटरफेस या स्ट्रीमिंग ऐप्स के स्थिर आइकन घंटों तक दिखाई दे सकते हैं. ऐसे में Burn-in का खतरा भी बढ़ जाता है जो बड़े और महंगे टीवी के लिए बड़ी समस्या बन सकता है. इसी वजह से स्मार्ट टीवी बनाने वाली कंपनियां एमोलेड डिस्प्ले का इस्तेमाल नहीं करती हैं. साथ ही मार्केट में आज लोग सस्ते स्मार्ट टीवी खोजते हैं और एमोलेड डिस्प्ले लगाने के बाद टीवी की कीमत काफी बढ़ सकती है.
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About the author हिमांशु तिवारी
स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है. टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं. इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है.
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Published at : 04 Jul 2026 06:53 AM (IST)
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