
5 साल से बंद थी बुजुर्ग महिला की पेंशन
आहोर तहसील के जेतपुरा गांव की रहने वाली 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला कोकु देवी चलने में असमर्थ हैं। उनकी विधवा बेटी नाथुदेवी ने बताया कि कोकु देवी को पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती थी, लेकिन करीब 5 साल पहले बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान बढ़ती उम्र के कारण उनके हाथों के निशान (फिंगरप्रिंट) स्पष्ट नहीं आए। फिंगरप्रिंट मैच न होने की तकनीकी वजह से उनकी पेंशन बंद हो गई थी। परिवार ने इसके समाधान के लिए आहोर एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय के चक्कर भी लगाए थे।सुरक्षाकर्मी ने बढ़ाया मदद का हाथ
बुधवार को कोकु देवी अपनी बेटी और पोती के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। चलने में असमर्थता के कारण उन्हें परेशान देख कलेक्ट्रेट परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी चैनाराम मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बुजुर्ग महिला को सहारा देकर व्हीलचेयर पर बैठाया और जिला कलेक्टर चैंबर के बाहर तक पहुंचाया।चैंबर से बाहर आए कलेक्टर, गैलरी में सुनी फरियाद
जैसे ही कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे को चैंबर के बाहर दृष्टिहीन बुजुर्ग महिला के आने की सूचना मिली, वे तुरंत अपनी सीट से उठकर बाहर गैलरी में आ गए। उन्होंने गैलरी में ही बुजुर्ग महिला के पास बैठकर उनकी पूरी बात सुनी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को तलब किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कोकु देवी की बंद पेंशन को शीघ्र शुरू किया जाए। इसके साथ ही उन्हें आवास योजना सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। जिन जरूरी दस्तावेजों की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर प्रशासन द्वारा तैयार करवाया जाए।
प्रदीप के गवांडे, जालोर कलेक्टर
अधिकारियों को 'हाथों-हाथ' समाधान के निर्देश
मामले का तुरंत निस्तारण करने के बाद जिला कलेक्टर ने जिले के अन्य अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि दफ्तरों में बुजुर्गों के मामलों को पूरी प्राथमिकता के साथ सुना जाए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की समस्याओं का हाथों-हाथ समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि उन्हें परेशान न होना पड़े। कलेक्टर डॉ. प्रदीप गवांडे के इस मानवीय दृष्टिकोण की कलेक्ट्रेट में मौजूद लोगों ने सराहना की।
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं। राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है। विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना। पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें



