
खामेनेई के अंतिम संस्कार पर बोले शशि थरूर
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, '...मेरा मानना है कि आम तौर पर जब इतने वरिष्ठ नेता जो मुख्य आध्यात्मिक नेता भी थे, का निधन होता है, तो और ऊंचे स्तर पर शोक जताया जा सकता था और किया जाना चाहिए था...।'दिवंगत नेताओं के प्रति सम्मान दिखाएं जो इतने महत्वपूर्ण पद पर थे
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा-'यह सच है कि अब एक प्रतिनिधिमंडल गया है। कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व मेरे अच्छे दोस्त सलमान खुर्शीद और अन्य लोग कर रहे हैं। यह महत्वपूर्ण है कि ऐसी स्थिति में हम हमेशा उन दिवंगत नेताओं के प्रति सम्मान दिखाएं जो इतने महत्वपूर्ण पद पर थे..।' थरूर कई मौकों पर टिप्पणी करते रहे हैं।यह महत्वपूर्ण है कि ऐसी स्थिति में हम हमेशा उन दिवंगत नेताओं के प्रति सम्मान दिखाएं जो इतने महत्वपूर्ण पद पर थे।
शशि थरूर, कांग्रेस
इसे लेकर कोई राजनीतिक मुद्दा न बनाएं: थरूर
केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने यह भी कहा-'मदर टेरेसा के अंतिम संस्कार के समय और राजीव गांधी के निधन और उनकी हत्या के बाद भी, हमने दुनिया भर के नेताओं को भारत आते देखा था। यह एक सामान्य बात है। दुनिया भर के देशों का शोक व्यक्त करने और दिवंगत आत्मा के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए जाना एक बहुत ही सामान्य बात है। मुझे लगता है कि हमें इसे लेकर कोई बड़ा राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।' अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को तेहरान में अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मृत्यु हो गई थी।दिवंगत आत्मा के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए जाना एक बहुत ही सामान्य बात है। मुझे लगता है कि हमें इसे लेकर कोई बड़ा राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।
शशि थरूर, कांग्रेस नेता
भारत की ओर से विदेश मामलों की राज्यमंत्री
अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 से 9 जुलाई तक तेहरान, क़ोम और उनके जन्मस्थान मशहद में होगा, जो हाल के इतिहास में सबसे बड़े अंतिम संस्कार जुलूसों में से एक हो सकता है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया है, जबकि भारत ने विदेश मामलों की राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) को भेजने का विकल्प चुना है। विशेषज्ञ इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या प्रतिनिधियों का यह चुनाव ईरान के प्रति भारत की मध्य पूर्व नीति में बदलाव का संकेत देता है।1989 में विदेश मंत्री गए थे
रुख में बदलाव का दावा करने वालों ने इसकी तुलना 2024 में ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के अंतिम संस्कार में भारत के प्रतिनिधिमंडल से की, जहां उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था । वहीं, रुख में कोई बदलाव नहीं होने का सुझाव देने वालों ने इसकी तुलना 1989 में तत्कालीन अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार में भारत के प्रतिनिधिमंडल से की। खुमैनी के अंतिम संस्कार में भारत ने तत्कालीन विदेश मंत्री को भेजा था।खामेनेई के अंतिम संस्कार में ये हैं भारतीय मेहमान
बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को भी निमंत्रण मिला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद को अंतिम संस्कार समारोहों के लिए निमंत्रण प्राप्त हुआ है। इसके अलावा पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती और जम्मू और कश्मीर अंजुमन-ए-शरी शियान के अध्यक्ष आगा सैयद हसन मोसावी अल सफावी को भी निमंत्रण दिया गया है।
लेखक के बारे मेंदिनेश मिश्रदिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। वे अप्रैल-2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। दिनेश मिश्र NBT डिजिटल में एक्सप्लेनर और स्पेशल स्टोरीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस और एंटरटेनमेंट समेत किसी भी कैटेगरी की खबरों से जुडे होते हैं, जिसमें दिनेश मिश्र रणनीतिक रूप से डीप डाइव, रिसर्च, वैल्यु एड, एक्सपर्ट कमेंट्स जैसी जरूरी बातें शामिल होती हैं। इन एक्सप्लेनर को लेकर वीडियो भी करते हैं। साथ ही NBT डिजिटल के स्थायी कॉलम मंडे मोटिवेशन, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट के लिए डीप डाइव रोचक स्टोरी भी लिखते हैं। वह हर एक्सप्लेनर स्टोरी में सटीक संपादन के साथ-साथ रियल टाइम का ध्यान रखते हैं। इसके अलावा, वे गूगल ट्रेंड से जुड़ी स्टोरीज भी करते आए हैं, जो अहम टास्क है। दिनेश मिश्र ने प्रयागराज महाकुंभ की ग्राउंड कवरेज की है। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान खबरों को डेस्क और ग्राउंड दोनों से कवर किया है। 2025 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ स्टेट असेंबली इलेक्शंस (हालिया महाराष्ट्र और बिहार चुनाव) के दौरान भी डेस्क से ओपिनियन पीस लिखने के साथ-साथ रियल टाइम एक्सप्लेनर भी किए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ एनबीटी फैक्ट चेक भी करते रहे हैं। दिनेश मिश्र अपने करीब 16 साल के कॅरियर के दौरान प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग और इंटरव्यू करने के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। हिंदी और गीत-संगीत में दखल रखने वाले दिनेश मिश्र ने कई किताबों की समीक्षा भी की। दिनेश मिश्र ने जाने-माने गीतकार गुलजार और गोपालदास नीरज का इंटरव्यू किया, हिंदी के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के अनुभवों को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। दिनेश मिश्र ने शोले के निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी का इंटरव्यू भी किया। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का इमरजेंसी के अनुभव पर इंटरव्यू किए और 1996 से लेकर 2001 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नरेश चंद्रा का भी इंटरव्यू किया है। इसके अलावा, हिंदी के बड़े लेखक गिरिराज किशोर और विश्वनाथ त्रिपाठी का इंटरव्यू भी किए। नेशनल-इंटरनेशनल, बिजनेस और एंटरटेनमेंट की खबरों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर रहती है। पहली प्राथमिकता है किसी भी खबर की सच्चाई के साथ विश्लेषण करना। इसके बाद उसका असर कहां और कितना पड़ेगा, इसे लेकर भी अवेयर रहते हैं। पत्रकारिता का अनुभव दिनेश मिश्र का पत्रकारिता का कॅरियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक जागरण, नोएडा के सेंट्रल डेस्क के साथ साल 2010 में शुरू हुआ। इसके बाद से यह सफर 2013 में अमर उजाला, नोएडा से होता हुआ 2016 में राजस्थान पत्रिका के नेशनल इंटीग्रेटेड कंटेंट स्टेशन, नोएडा तक पहुंचा, जहां अखबार के साथ-साथ डिजिटल, टीवी और तीनों ही प्लेटफॉर्म पर एकसाथ काम किए। इसके बाद दिनेश मिश्र ने फिर 2019 में अमर उजाला में लौटे, जहां से 2021 में दैनिक भास्कर के डीबी डिजिटल में काम किया और एक्सप्लेनर और डीप डाइव-रिसर्च और स्पेशल स्टोरीज की बारीकियां सीखीं। इसके बाद अप्रैल, 2024 में दिनेश मिश्र देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह टाइम्स ऑफ इंडिया के नवभारत टाइम्स से जुड़े। दिनेश मिश्र ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा से पत्रकारिता से एमए किया। उससे पहले महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उससे भी पहले वो समाज शास्त्र से भी एमए कर चुके हैं। दिनेश मिश्र ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी दी है और उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की कई परीक्षाएं भी दीं। इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एमपावरमेंट के एक रिसर्च प्रोग्राम 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स इन जेरियाट्रिक केयर भी किया है।... और पढ़ें


