त्वरित ब्रीफ
Live Law Hindi ने 18 जुलाई 2026 को india श्रेणी से जुड़ी यह खबर प्रकाशित की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि "सिर्फ़ गाली-गलौज, अपशब्द और अभद्र भाषा का इस्तेमाल - चाहे वे कितने भी बुरे या असभ्य क्यों न हों - उन्हें अश्लीलता नहीं माना जा सकता।" कोर्ट ने फैसला सुनाया कि गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल अपने आप में भारतीय दंड संहिता ... [5278 chars]
खबर का मुख्य विषय "सिर्फ़ गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल अश्लीलता नहीं है: सुप्रीम कोर्ट ने IPC की धारा 294(b) का दायरा समझाया" है। BRIEFXIFY ने इसे उपलब्ध स्रोत जानकारी के आधार पर संक्षिप्त और स्पष्ट रूप में तैयार किया है।
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पृष्ठभूमि
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मुख्य जानकारी
- शीर्षक: सिर्फ़ गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल अश्लीलता नहीं है: सुप्रीम कोर्ट ने IPC की धारा 294(b) का दायरा समझाया
- स्रोत: Live Law Hindi
- प्रकाशित: 18 जुलाई 2026
- श्रेणी: india
- उपलब्ध स्रोत विवरण: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि "सिर्फ़ गाली-गलौज, अपशब्द और अभद्र भाषा का इस्तेमाल - चाहे वे कितने भी बुरे या असभ्य क्यों न हों - उन्हें अश्लीलता नहीं माना जा सकता।" कोर्ट ने फैसला सुनाया कि गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल अपने आप में भारतीय दंड संहिता ... [5278 chars]
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संभावित प्रभाव
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स्रोत और पारदर्शिता
स्रोत: Live Law Hindi
यह BRIEFXIFY ब्रीफ AI-सहायता से तैयार किया गया है और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार स्रोत जानकारी पर आधारित है। यह त्वरित समझ के लिए लिखा गया है और मूल रिपोर्ट की जगह नहीं लेता। पूरे संदर्भ के लिए मूल स्रोत पढ़ें।




