
तालिबान ने भारत का आभार जताया
तालिबान प्रशासित इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता ने कहा कि भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसने अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन किया है और पाकिस्तान के हमलों की निंदा की है। इन हमलों में आम अफगान नागरिक हताहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों पर पाकिस्तानी हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 36 नागरिक मारे गए और 163 अन्य घायल हो गए। प्रवक्ता ने पाकिस्तान के हवाई हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय सिद्धांतों और अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया।
भारत ने पाकिस्तानी हवाई हमलों की निंदा की
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह अफगानी इलाके पर पाकिस्तान के हमलों की "कड़ी निंदा" करता है। मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत आम नागरिकों की जान गई है। मंत्रालय ने कहा, "पाकिस्तान की यह खुली आक्रामकता अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता पर हमला है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।" भारत ने पाकिस्तान पर "लापरवाही भरे व्यवहार का लगातार पैटर्न" अपनाने और सीमा-पार सैन्य कार्रवाई के ज़रिए अपनी आंतरिक सुरक्षा की नाकामियों को बाहरी रूप देने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
भारत ने हताहतों के प्रति संवेदना जताई
भारत ने पाकिस्तानी हवाई हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की और अफगानिस्तान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया। भारत का यह बयान तब आया जब अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने पुष्टि की कि रविवार रात पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमलों में कम से कम 28 आम नागरिक मारे गए और 49 अन्य घायल हो गए। पीड़ितों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि ये आंकड़े शुरुआती हैं और अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी रहने के कारण इनमें बढ़ोतरी हो सकती है।
पाकिस्तान ने आतंकवादियों को निशाना बनाने का दावा किया
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हवाई हमले की पुष्टि की है। उसने कहा कि तालिबान पाकिस्तान (TTP) और जमात-उल-अहरार के आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, तालिबान ने पाकिस्तान के इस दावे को खारिज कर दिया। तालिबान प्रशासित इस्लामिक अमीरात ने कहा कि पाकिस्तानी हमलों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया और बड़ी संख्या में आम नागरिक हताहत हुए।

लेखक के बारे मेंप्रियेश मिश्रप्रियेश मिश्र नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर (Principal Digital Content Producer) के पद पर कार्यरत हैं। वे नवभारत टाइम्स की दुनिया (World) सेक्शन से जुड़े हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनका 10 साल का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टिंग और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। प्रियेश मिश्र ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। प्रियेश मिश्र ने मार्च 2020 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। प्रियेश मिश्र के पास वैश्विक घटनाक्रम, युद्ध, सैन्य संघर्ष, राजनयिक तनाव, कूटनीति जैसे विषयों पर न्यूज कवरेज का व्यापक अनुभव है। उन्होंने पिछले 5 वर्षों में आर्मेनिया-अजरबैजान के युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020-2024, इजरायल-हमास गाजा युद्ध, ईरान-इजरायल संघर्ष, भारत-पाकिस्तान संघर्ष ऑपरेशन सिंदूर, तालिबान-पाकिस्तान संघर्ष, चीन-ताइवान विवाद, वेनेजुएला संकट जैसे वैश्विक घटनाक्रम का कवरेज किया है। प्रियेश वैश्विक अपनी खबरों में राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना और उसका भारत पर क्या असर पड़ेगा, इस पर फोकस रखते हैं। भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी भाषा के पाठकों को खबरों और विश्लेषण के जरिए जानकारी देना प्रियेश मिश्र की पहली प्राथमिकता रहती है। प्रियेश मिश्र की विशेषज्ञता फॉरेन अफेयर्स, वैश्विक राजनीतिक, कूटनीतिक घटनाक्रम, रक्षा और वैश्विक संघर्ष और उनका भारत की राजनीति या भारत के आम लोगों पर क्या असर होगा, इस क्षेत्र में है।... और पढ़ें




