मुजफ्फरपुर में एक 34 वर्ष पुराने फर्जी पावर ऑफ अटार्नी से जुड़े भूमि खरीद-बिक्री के मामले में, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पंकज कुमार तिवारी की कोर्ट ने 19 आरोपितों को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सका। मामला 1992 में दर्ज एफआईआर पर आधारित है।

मुजफ्फरपुर, हिप्र। फर्जी पावर ऑफ अटार्नी के आधार पर जमीन खरीद-बिक्री के 34 वर्ष पुराने मामले में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम (पूर्वी) पंकज कुमार तिवारी के कोर्ट ने मंगलवार को 19 आरोपितों को बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष इस मामले में कोर्ट के समक्ष आरोपितों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सका। सरैयागंज के शंभूनाथ गुप्ता के कोर्ट परिवाद के आधार पर नगर थाना में एक फरवरी 1992 को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें भगवानपुर गोबरसही के हरिनाथ सिन्हा सहित सात लोगों को आरोपित बनाया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने अन्य 21 आरोपितों के विरुद्ध 27 सितंबर 1998 को चार्जशीट दाखिल की थी।
शंभूनाथ गुप्ता ने एफआईआर में कहा है कि फर्जी पावर ऑफ अटार्नी बनाकर हरिनाथ सिन्हा ने गोबरसही स्थित एक एकड़ जमीन कई लोगों को बेच दी। बरी होने वालों में हरिनाथ सिन्हा, गीता शर्मा, सीताराम राय, पुष्पा ठाकुर, ब्रज कुमार सिंह, अभय कुमार, बिंदू देवी, इंद्रा देवी, रामाकांत सिंह, रेणु देवी व मालती सिंह सहित 19 आरोपित शामिल हैं।






