आतंकी संगठन हमास की टनल इंजीनियरिंग को देख कोई भी हैरान हो जाता है. जमीन के अंदर टेरर नेटवर्क का पूरा संसार रचने वाले हमास के आतंकी सुरगों का ऐसा जाल बनाते हैं जो अविश्वसनीय सा लगता है. ये सुरंगें 20 से 80 मीटर तक गहरी होती हैं और इनकी दीवारें और छतें मजबूत कंक्रीट से बनी होती हैं, जो भारी बमबारी और विस्फोटों को भी झेल सकती हैं.
इनमें कमांड सेंटर, हथियार भंडार, सैनिकों के आवास, वेंटिलेशन, बिजली, संचार और पानी की पूरी व्यवस्था होती है. कई सुरंगें अस्पतालों, स्कूलों और घरों के ठीक नीचे बनाई जाती हैं ताकि इजरायली हमलों के दौरान नागरिकों को ढाल बनाया जा सके.
इनकी इंजीनियरिंग शानदार होती हैं. हमास ने अपनी सीमेंट फैक्टरियों में विशेष कंक्रीट पैनल बनाकर सुरंगों को मजबूत किया. ये सुरंगें काफी चौड़ी और लंबी होती हैं, कुछ जगहों पर गाड़ियां भी गुजर सकती हैं.
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16 किलोमीटर लंबी सुरंग को किया सील
इजरायली सेना ने दक्षिणी गाजा के राफाह क्षेत्र में हमास की एक ऐसे ही अंडरग्राउंड सुरंग नेटवर्क को स्थायी रूप से नष्ट कर दिया है. इस अभियान में 16 किलोमीटर से अधिक लंबी सुरंग को 30,000 घन मीटर से ज्यादा कंक्रीट भरकर सील किया गया. यह ऑपरेशन तीन महीने चला और इसे 'व्हाइट स्पैरो' नामक कॉम्प्लेक्स बताया जा रहा है.
सुरंग में 80 कमरे और हमास का कमांड सेंटर
आईडीएफ के अनुसार यह सुरंग फिलाडेल्फी कॉरिडोर के निकट स्थित थी. इसमें लगभग 80 कमरे थे, जिनका इस्तेमाल हमास के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, आवासीय क्वार्टर और सैन्य गतिविधियों के लिए किया जाता था. सुरंग की गहराई करीब 25 मीटर तक थी. खास बात यह है कि लेफ्टिनेंट हदार गोल्डिन के अवशेषों को हमास ने एक दशक से ज्यादा समय तक इसी सुरंग में कैद रखा था. हदार गोल्डिन 2014 के ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज के दौरान मारे गए थे.
⭕️The 16+ kilometer underground tunnel in which LT Hadar Goldin was held has now been sealed, using 30,000+ cubic meters of concrete.
The tunnel complex included ~80 living quarters and served as a Hamas terrorist command-and-control center.
The tunnel was located near the… pic.twitter.com/X5Q3NHoFX7
— Israel Defense Forces (@IDF) June 29, 2026
आईडीएफ की साउदर्न कमांड, याहलोम कॉम्बैट इंजीनियरिंग यूनिट और नेवल कमांडोज की टीमों ने मिलकर यह जटिल अभियान पूरा किया. टनल का एंट्री पॉइंट खोजने के बाद इंजीनियरिंग दस्तों ने भारी मशीनरी और कंक्रीट मिक्सर ट्रकों का उपयोग कर सुरंग को भरना शुरू किया.
यह इंजीनियरिंग का एक बड़ा काम था इसमें हजारों घन मीटर कंक्रीट पंप किया गया.
रिहायशी इलाकों से गुजरती थीं सुरगें
आईडीएफ का कहना है कि सुरंग नागरिक क्षेत्रों के नीचे बनाई गई थी, जो हमास की आम रणनीति रही है, ताकि नागरिकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया जा सके.
WATCH: The IDF says it has sealed a very significant 16 kilometer Hamas tunnel network in southern Gaza where the remains of Lt. Hadar Goldin were held for over 10 years. The military says engineers used more than 30,000 cubic meters of concrete to permanently close the… pic.twitter.com/ljFNm9BVcl
— Open Source Intel (@Osint613) June 29, 2026
IDF ने बताया कि ये सुरंगें रिहायशी इलाकों, मस्जिदों, किंडरगार्टन, क्लीनिकों, एक स्कूल और यूएन ऑफिस के नीचे से गुजरती थी.
इस अभियान का मकसद हमास की भूमिगत क्षमता को स्थायी रूप से कमजोर करना है. इजरायल का कहना है कि गाजा में हमास ने सैकड़ों किलोमीटर लंबी सुरंग नेटवर्क बनाया था, जिसका इस्तेमाल हथियार तस्करी, लड़ाकों की आवाजाही और बंधकों को छिपाने के लिए होता था.
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